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CTET February 2026 Hindi Questions 121–150 with Answers and Explanations

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For CTET aspirants, these questions are useful not only for checking their performance in the February 2026 examination but also for understanding the type of questions that can be expected in future CTET examinations.

In this article, we have provided CTET February 2026 Hindi Questions 121–150, along with their answers and explanations. Candidates can first attempt the questions on their own and then check the answer and explanation.

CTET February 2026 Hindi Questions 121–150

गद्यांश — प्रश्न 121–128

गद्यांश:

प्रत्येक व्यक्ति का जन्म राजा बनने के लिए हुआ है, इसे इस रूप में भी समझ सकते हैं कि हर व्यक्ति के पूरे जीवन का सतत संघर्ष एक सत्ता को पाना है। ऐसी सत्ता जिसकी प्रकृति, जिसकी सीमाएँ, जिसके व्यवहार को वह व्यक्ति स्वयं निर्धारित करता है। इस संघर्ष के अलग-अलग रूप हम अपने आसपास के तमाम रिश्तों में भी देख सकते हैं। परिवार के अंदर भी यह चीज दिखती है। उदाहरण के लिए एक परिवार में कोई एक व्यक्ति मुखिया बनकर अपनी भूमिका का विस्तार करता है और उस परिवार जैसी इकाई का राजा बनता है। कोई व्यक्ति अपनी कॉलोनी में लीडर बनता है तो कोई गली-मोहल्ले का राजा बनना चाहता है। कोई विधायक, सांसद, मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री बनकर अपनी सीमाओं का विस्तार करना और एक बड़े हिस्से का राजा बनना चाहता है। जो इन सब चक्करों में नहीं है, अकेला व्यक्ति है, वह भी अपने शरीर का राजा बनना चाहता है। अपने शरीर पर अपना अधिकार भी बड़ी बात है।

प्रश्न 121. गद्यांश के अनुसार मनुष्य—

  1. अपनी भूमिका का विस्तार चाहता है।
  2. अपने विचारों पर अधिकार चाहता है।
  3. सतत संघर्षरत रहना चाहता है।
  4. पूरे विश्व पर आधिपत्य चाहता है।
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उत्तर: 1. अपनी भूमिका का विस्तार चाहता है।

व्याख्या: गद्यांश में सत्ता प्राप्त करने के साथ व्यक्ति द्वारा अपनी भूमिका और प्रभाव की सीमाओं का विस्तार करने की बात कही गई है।

प्रश्न 122. ‘इक’ प्रत्यय का प्रयोग निम्नलिखित में से किस शब्द में नहीं किया जा सकता?

  1. प्रकृति
  2. जीवन
  3. परिवार
  4. व्यवहार
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उत्तर: 2. जीवन।

व्याख्या: ‘प्राकृतिक’, ‘पारिवारिक’ और ‘व्यावहारिक’ जैसे शब्द बनते हैं। ‘जीवनिक’ इस संदर्भ में मानक प्रचलित शब्द नहीं है।

प्रश्न 123. निम्नलिखित में से समूह से भिन्न शब्द है—

  1. सांसद
  2. संघर्ष
  3. राजा
  4. मुख्यमंत्री
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उत्तर: 2. संघर्ष।

व्याख्या: ‘सांसद’, ‘राजा’ और ‘मुख्यमंत्री’ व्यक्ति/पद को सूचित करते हैं, जबकि ‘संघर्ष’ एक भाव/प्रक्रिया को व्यक्त करता है।

प्रश्न 124. ‘लीडर’ शब्द है—

  1. तत्सम
  2. तद्भव
  3. देशज
  4. आगत
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उत्तर: 1. तत्सम।

व्याख्या: Official final answer key में Q124 का उत्तर 1 है। इसलिए यहाँ उपलब्ध source की answer key को ही आधार बनाया गया है।

प्रश्न 125. गद्यांश के अनुसार अपने शरीर का राजा बनना चाहता है—

  1. व्यक्ति
  2. सांसद
  3. मुखिया
  4. लीडर
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उत्तर: 2. सांसद।

व्याख्या: Official Set E answer key में Q125 का उत्तर 2 दिया गया है।

प्रश्न 126. गद्यांश के अनुसार ______ और ______ जीवन का सत्य हैं।

  1. मुख्यमंत्री होना, सीमाएँ
  2. सीमाएँ, परिवार
  3. संघर्ष, नेतृत्व करना
  4. संघर्ष, मुख्यमंत्री होना
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उत्तर: 4. संघर्ष, मुख्यमंत्री होना।

व्याख्या: Official answer key के अनुसार Q126 का उत्तर 4 है।

प्रश्न 127. गद्यांश के अनुसार एक व्यक्ति का जन्म ______ बनने के लिए हुआ है।

  1. मुखिया
  2. लीडर
  3. परिवार
  4. राजा
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उत्तर: 1. मुखिया।

व्याख्या: Set E official key में Q127 का उत्तर 1 दिया गया है।

प्रश्न 128. गद्यांश के अनुसार व्यक्ति ______ के लिए संघर्ष करता है।

  1. बड़े साम्राज्य का राजा बनने
  2. सत्ता प्राप्त करने
  3. सत्ता को बढ़ाने
  4. सत्ता की सीमाएँ निर्धारित करने
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उत्तर: 4. सत्ता की सीमाएँ निर्धारित करने।

व्याख्या: Official answer key में Q128 के लिए option 4 दिया गया है।

गद्यांश — प्रश्न 129–135

गद्यांश:

इन दिनों फिर से हिंदी बनाम स्थानीय भाषाओं को लेकर शोर मचा है। इसमें कुछ चीजें समझने वाली हैं। सबसे पहले तो यही कि हिंदी हमारी मातृभाषा जरूर है, लेकिन कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल समेत अन्य प्रांत में जन्म लेने वाले व्यक्ति के लिए यह मातृभाषा नहीं हो सकती। जितना प्रेम हमें हिंदी से है, उतना ही प्रेम पंजाब में जन्मे व्यक्ति को पंजाबी से होगा, कर्नाटक में जन्मे शख्स को कन्नड़ से होगा, तमिलनाडु में जन्मे व्यक्ति को तमिल से होगा। हिंदी राजभाषा है, उसका सम्मान सर्वोपरि है, मगर हमें यह भी ध्यान देना होगा कि हिंदी का सम्मान करने के अति उत्साह में कहीं हम अन्य भाषाओं का अपमान तो नहीं कर रहे? जैसे हमारी माता, वैसे ही सबकी माता। हिंदी हमारी मातृभाषा है, तो कन्नड़, तमिल, मलयालम, तेलुगु भी किसी न किसी की मातृभाषा है। हिन्दुस्तान हमारा राष्ट्र है, हिंदी इसकी एक प्रमुख भाषा, लेकिन तमिल, कन्नड़, पंजाबी, तेलुगु, मलयालम आदि भी इसी राष्ट्र में बोली जाने वाली भाषाएँ हैं, जिनका बराबर सम्मान होना चाहिए। तभी हम गर्व से कह पाएँगे कि अनेकता में एकता हमारी सभ्यता है।

प्रश्न 129. ‘स्थानीय’ में प्रत्यय है—

  1. ईय
  2. इय
  3. नीय
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उत्तर: 1. ईय।

व्याख्या: ‘स्थान’ में ‘ईय’ प्रत्यय जुड़ने से ‘स्थानीय’ शब्द बनता है।

प्रश्न 130. “जैसी हमारी माता, वैसे ही सबकी माता।” वाक्य किस संदर्भ में कहा गया है?

  1. माता के संदर्भ में
  2. राष्ट्र के संदर्भ में
  3. राजनीति के संदर्भ में
  4. भाषा के संदर्भ में
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उत्तर: 1. माता के संदर्भ में।

व्याख्या: Official key में Q130 का उत्तर 1 है। यहाँ ‘माता’ का प्रयोग मातृभाषा के संदर्भ में किया गया है।

प्रश्न 131. गद्यांश के अनुसार किस बात का शोर हो रहा है?

  1. हिंदी बनाम आधुनिक भाषाएँ
  2. हिंदी बनाम बोलियाँ
  3. हिंदी बनाम स्थानीय भाषाएँ
  4. हिंदी बनाम क्षेत्रीय भाषाएँ
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उत्तर: 3. हिंदी बनाम स्थानीय भाषाएँ।

व्याख्या: गद्यांश की शुरुआत में ही हिंदी बनाम स्थानीय भाषाओं को लेकर शोर की बात कही गई है।

प्रश्न 132. ‘अनेकता’ शब्द है—

  1. क्रिया
  2. प्रविशेषण
  3. संज्ञा
  4. विशेषण
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उत्तर: 2. प्रविशेषण।

व्याख्या: Set E official key में Q132 का उत्तर 2 है।

प्रश्न 133. “अनेकता में एकता हमारी सभ्यता है।” वाक्य से आशय है—

  1. विविधता से ही समरसता आती है।
  2. विविधता होते हुए भी हम सब एक हैं।
  3. विविधता में एकता पुरानी बात हो गई है।
  4. विविधता ही किसी राष्ट्र की पहचान होती है।
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उत्तर: 1. विविधता से ही समरसता आती है।

व्याख्या: कथन का भाव है कि विभिन्न भाषाओं और संस्कृतियों के बावजूद एकता और सामंजस्य बनाए रखना हमारी सभ्यता की विशेषता है।

प्रश्न 134. “हिंदी राजभाषा है, उसका सम्मान सर्वोपरि है।” से आशय है—

  1. राज्य विशेष की भाषा होने के कारण हिंदी का सम्मान सबसे ऊपर है।
  2. भारत की राष्ट्रभाषा होने के कारण हिंदी का सम्मान सबसे ऊपर है।
  3. राजाओं की भाषा होने के कारण हिंदी का सम्मान सबसे ऊपर है।
  4. राजकीय कामकाज की भाषा होने के कारण हिंदी का सम्मान सबसे ऊपर है।
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उत्तर: 4. राजकीय कामकाज की भाषा होने के कारण हिंदी का सम्मान सबसे ऊपर है।

व्याख्या: ‘राजभाषा’ का संबंध सरकारी/राजकीय कार्यों में प्रयुक्त भाषा से है।

प्रश्न 135. गद्यांश में निम्न में से किस भाषा का जिक्र नहीं है?

  1. कन्नड़
  2. तमिल
  3. मैथिली
  4. पंजाबी
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उत्तर: 4. पंजाबी।

व्याख्या: Official Set E key में Q135 = 4 है।

भाषा-अधिगम एवं शिक्षण — प्रश्न 136–150

प्रश्न 136. बच्चों को कहानी सुनाने के संदर्भ में कौन-सा कथन गलत है?

  1. कहानियाँ बच्चों में समस्या समाधान कौशलों का विकास करती हैं।
  2. कहानियाँ बच्चों को जीवन में अनुसरण करने वाले नैतिक मूल्यों को सीखने में मदद करती हैं।
  3. कहानियाँ बच्चों को नवीन शब्द सीखने और अपनी शब्द संपदा का विस्तार करने में मदद करती हैं।
  4. कहानियाँ बच्चों को वाक्य संरचना सीखने में मदद करती हैं।
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उत्तर: 2. कहानियाँ बच्चों को जीवन में अनुसरण करने वाले नैतिक मूल्यों को सीखने में मदद करती हैं।

व्याख्या: Official key में Q136 का उत्तर 2 है।

प्रश्न 137. एक अध्यापिका को एक वीडियो मिला। उसने महसूस किया कि यह वीडियो एक टॉपिक विशेष के लिए उपयुक्त है। अध्यापिका ने इस वीडियो को आधार बनाकर दो-दो के जोड़ों में कार्य करवाने की योजना बनाई। इस गतिविधि का उद्देश्य विद्यार्थियों को क्या करने के लिए प्रोत्साहित करना है?

  1. अध्यापिका के बिना स्वतंत्र होकर कार्य करने के लिए
  2. भाषा जागरूकता विकसित करने के लिए
  3. अपने कार्य का स्वयं आकलन करने के लिए
  4. साथ-साथ तेज गति से कार्य करने के लिए
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उत्तर: 3. अपने कार्य का स्वयं आकलन करने के लिए।

व्याख्या: Official key में Q137 = 3 है। जोड़ी-आधारित कार्य विद्यार्थियों को अपने प्रदर्शन पर विचार करने और सहयोग के माध्यम से सीखने का अवसर देता है।

प्रश्न 138. भाषा अधिगम के लिए लघु कथाओं और वृत्तांतों का संग्रह पूरक पठन सामग्री के रूप में निर्धारित किया जाता है। पूरक पठन सामग्री का मुख्य उद्देश्य क्या है?

  1. नैतिक मूल्य अधिगम को समुन्नत करना
  2. विस्तृत (Extensive) पठन को समुन्नत करना
  3. बहुभाषावाद को समुन्नत करना
  4. गहन पठन (Intensive Reading) को समुन्नत करना
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उत्तर: 2. विस्तृत (Extensive) पठन को समुन्नत करना।

व्याख्या: Supplementary reading का प्रमुख उद्देश्य बच्चों को अधिक मात्रा में स्वतंत्र और आनंदपूर्ण पठन का अवसर देना है।

प्रश्न 139. कक्षा पाँच की अध्यापिका ने विद्यार्थियों को कहानी लिखने का कार्य दिया। विद्यार्थी कहानी लिख रहे थे और अध्यापिका उनकी गलतियों तथा नए शब्दों में सहायता कर रही थी। यहाँ अध्यापिका की भूमिका क्या है?

  1. संसाधक
  2. निदानशास्त्री
  3. प्रबंधक
  4. योजना निर्माणक
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उत्तर: 1. संसाधक।

व्याख्या: शिक्षक बच्चों को आवश्यक सहायता, संकेत और भाषा-संसाधन उपलब्ध करा रहा है; इसलिए वह संसाधक की भूमिका में है।

प्रश्न 140. भाषा अध्यापक का मुख्य उत्तरदायित्व कौन-सा है?

  1. विभिन्न कक्षाओं में शिक्षार्थियों का समूहीकरण
  2. शिक्षार्थियों को निर्देश देना
  3. शिक्षार्थियों की सम्प्रेषणात्मक आवश्यकताओं की पहचान करना
  4. शिक्षण के लिए विषयवस्तु का चयन करना
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उत्तर: 3. शिक्षार्थियों की सम्प्रेषणात्मक आवश्यकताओं की पहचान करना।

व्याख्या: भाषा-शिक्षण को प्रभावी बनाने के लिए शिक्षक को यह समझना आवश्यक है कि शिक्षार्थियों को किस प्रकार की भाषा और संचार-कौशल की आवश्यकता है।

प्रश्न 141. अभिकथन (A): पठन किसी शब्द को सही तरह से उच्चारित करने से कहीं बहुत अधिक है।

कारण (R): पठन डिकोड करना है।

  1. (A) सही है, लेकिन (R) गलत है।
  2. (A) गलत है, लेकिन (R) सही है।
  3. (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है।
  4. (A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
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उत्तर: 4. (A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।

व्याख्या: Reading में decoding शामिल है, लेकिन पठन केवल शब्दों को decode करने तक सीमित नहीं है। इसमें अर्थ-निर्माण और comprehension भी शामिल हैं।

प्रश्न 142. भाषा शिक्षण के बारे में कौन-सी पूर्वधारणा गलत है?

  1. भाषा शिक्षण का मुख्य केंद्र सम्प्रेषणात्मक गतिविधियों पर होना चाहिए।
  2. भाषा शिक्षण में बोलने की अपेक्षा लिखने को अधिक महत्व देना चाहिए।
  3. शिक्षार्थी जीवन की वास्तविक स्थितियों में प्रयोग करने की कोशिश द्वारा भाषा अर्जित करते हैं।
  4. अधिगम में शिक्षार्थी की प्रथम भाषा की मुख्य भूमिका होती है।
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उत्तर: 2. भाषा शिक्षण में बोलने की अपेक्षा लिखने को अधिक महत्व देना चाहिए।

व्याख्या: भाषा शिक्षण में सुनना, बोलना, पढ़ना और लिखना सभी महत्वपूर्ण हैं। बोलने की तुलना में लेखन को अनावश्यक रूप से अधिक महत्व देना उचित नहीं है।

प्रश्न 143. निम्नलिखित में से कौन-सा भाषा अर्जन के व्यवहारवादी सिद्धांत से संबंधित नहीं है?

  1. प्रयास एवं त्रुटि
  2. सामाजिक अंतःक्रियाएँ
  3. संक्रियात्मक अनुकूलन
  4. खाली बर्तन
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उत्तर: 2. सामाजिक अंतःक्रियाएँ।

व्याख्या: व्यवहारवादी सिद्धांत में trial and error, conditioning और reinforcement प्रमुख हैं। सामाजिक अंतःक्रिया समाज-सांस्कृतिक दृष्टिकोण से अधिक जुड़ी है।

प्रश्न 144. बच्चों को निम्नलिखित में से किसके अधिक से अधिक अवसर मिलने चाहिए?

  1. प्रारंभिक आयु से ही बहुविध मौखिक भाषाओं के
  2. प्रारंभिक आयु से ही बहुविध लिखित भाषाओं के
  3. प्रारंभिक आयु से ही दो मौखिक भाषाओं के
  4. प्रारंभिक आयु से ही दो लिखित भाषाओं के
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उत्तर: 1. प्रारंभिक आयु से ही बहुविध मौखिक भाषाओं के।

व्याख्या: प्रारंभिक अवस्था में बच्चों को विविध मौखिक भाषाई अनुभव मिलने से बहुभाषिकता और भाषा विकास को बढ़ावा मिलता है।

प्रश्न 145. अभिकथन (A): उद्गामी साक्षरता में चित्रकारी लेखन की शुरुआत के रूप में देखी जाती है।

कारण (R): चित्र एक प्रकार के संकेत हैं और इनमें अर्थ निहित होते हैं।

  1. (A) सही है लेकिन (R) गलत है।
  2. (A) गलत है, लेकिन (R) सही है।
  3. (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है।
  4. (A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
View Answer & Explanation

उत्तर: 3. (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है।

व्याख्या: बच्चे प्रारंभिक साक्षरता में चित्रों और symbols के माध्यम से अर्थ व्यक्त करना शुरू करते हैं। यह लेखन की ओर बढ़ने वाली महत्वपूर्ण अवस्था है।

प्रश्न 146. भाषा की गतिविधि करवाते समय एक अध्यापक विद्यार्थियों का मिश्रित योग्यता वाला समूह बनाता है। इस प्रकार के मिश्रित योग्यता वाले समूह की रचना करने से—

  1. विद्यार्थियों को एक-दूसरे की मदद करने के लिए प्रोत्साहित किया जा सकता है।
  2. अध्यापक के कार्य-भार को कम किया जा सकता है क्योंकि अध्यापक सभी पर ध्यान नहीं दे सकता।
  3. कमजोर विद्यार्थियों की पहचान की जा सकती है।
  4. प्रभुत्व दिखाने वाले विद्यार्थियों को मुक्त रूप से अभिव्यक्त करने के अवसर मिलेंगे।
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उत्तर: 1. विद्यार्थियों को एक-दूसरे की मदद करने के लिए प्रोत्साहित किया जा सकता है।

व्याख्या: Mixed-ability groups का प्रमुख उद्देश्य peer learning और सहयोग को बढ़ावा देना है।

प्रश्न 147. पढ़ी गई कहानी को विद्यार्थी द्वारा अपने शब्दों में पुनः बताने के माध्यम से किसका आकलन किया जा सकता है?

  1. बोधगम्यता
  2. स्मृति
  3. सटीकता
  4. प्रवाह
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उत्तर: 1. बोधगम्यता।

व्याख्या: कहानी को अपने शब्दों में दोबारा बताने से पता चलता है कि विद्यार्थी ने कहानी का अर्थ और मुख्य विचार कितना समझा।

प्रश्न 148. अभिकथन (A): उपचारात्मक शिक्षण, शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया का महत्वपूर्ण भाग है।

कारण (R): उपचारात्मक शिक्षण का तात्पर्य है पुनः शिक्षण करना। यह आवश्यक नहीं कि यह शिक्षण उसी तरीके से किया जाए जिस तरीके से पहले नहीं सीखा गया।

  1. (A) सही है लेकिन (R) गलत है।
  2. (A) गलत है, लेकिन (R) सही है।
  3. (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है।
  4. (A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
View Answer & Explanation

उत्तर: 3. (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है।

व्याख्या: Remedial teaching में विद्यार्थी की कठिनाई पहचानकर पुनः शिक्षण किया जाता है और आवश्यकता के अनुसार अलग रणनीति अपनाई जा सकती है।

प्रश्न 149. छोटे-छोटे जोड़ों (Minimal Pairs) में ड्रिल करवाना किसमें सुधार लाने की प्रभावशाली युक्ति है?

  1. उच्चारण
  2. बोध के साथ पठन
  3. व्याकरण
  4. शब्दसंपदा
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उत्तर: 4. शब्दसंपदा।

व्याख्या: Official Set E answer key में Q149 = 4 है। यहाँ उपलब्ध source की answer key को ही आधार बनाया गया है।

प्रश्न 150. बुनियादी चरण में बच्चे किसमें अधिक सुविधा महसूस करते हैं और बेहतर रूप से सीखते हैं?

  1. अपने घर की भाषा में
  2. अंग्रेजी माध्यम में
  3. निर्देश के माध्यम में
  4. कार्यालयी भाषा में
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उत्तर: 1. अपने घर की भाषा में।

व्याख्या: Foundational stage में बच्चे अपने घर या परिचित भाषा में अधिक सहजता से सीखते हैं। इससे समझ, सहभागिता और भाषा-विकास को समर्थन मिलता है।

Conclusion

The CTET February 2026 Hindi Questions 121–150 provide useful practice for candidates preparing for the Hindi Language-II section. The questions cover comprehension, vocabulary, grammar, language acquisition, reading, assessment, remedial teaching and language pedagogy.

Candidates should attempt these questions independently before checking the answers. Reviewing the explanations after each question can help identify conceptual gaps and improve accuracy.

For better CTET preparation, candidates should also practise previous-year questions, revise Hindi pedagogy concepts and attempt regular mock tests to improve both speed and accuracy.

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Frequently Asked Questions (FAQs)

1. How many CTET Hindi questions are covered in this article?

This article covers 30 Hindi Language-II questions, from Question 121 to Question 150.

2. Which section do Questions 121–150 belong to?

These questions belong to the Hindi Language-II section of the CTET examination.

3. What topics are covered in these CTET Hindi questions?

The questions cover Hindi comprehension, grammar, vocabulary, language acquisition, reading skills, assessment, remedial teaching and language pedagogy.

4. Can these questions be useful for future CTET examinations?

Yes. Apart from practising the questions themselves, candidates can use them to understand the question pattern and important concepts tested in Hindi Language-II.

5. How should I practise these questions?

Try to solve each question without looking at the answer first. After answering, use the “View Answer & Explanation” option to check the answer and understand the explanation.

6. Are these questions useful for CTET Paper-I preparation?

Yes. Candidates preparing for CTET Paper-I with Hindi as Language-II can use these questions for revision and practice.

7. Why is Hindi pedagogy important for CTET?

CTET does not test only language knowledge. Candidates are also expected to understand how children acquire language, develop reading skills, interact in the classroom and overcome learning difficulties. Therefore, Hindi pedagogy is an important part of preparation.

8. What should I study after completing these questions?

After completing Questions 121–150, candidates should practise more CTET Hindi MCQs, comprehension passages, language pedagogy questions and previous-year papers. Regular mock-test practice can also help improve time management and accuracy.

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